गीता में भगवान श्री कृष्ण ने इस श्लोक के माध्यम से यह बताया है कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति से अर्जित गुणों के अनुसार विवश होकर कर्म करना पड़ता है। अतः कोई भी एक क्षण के लिए भी बिना कर्म किये नहीं रह सकता है।
मानव जीवन असंख्य परीक्षाओ से घिरा होता है। हर पग पर परीक्षायें जीवन मार्ग में व्यवधान उत्पन्न करती रहती हैं। कभी साहस कभी धैर्य ,बुद्धि , नैतिकता ,चरित्र एवं कभी पराक्रम कि परीक्षा देनी पड़ती हैं। श्रेष्ठतम मानव वही है जो इन सभी व्यवधानों में सफलता प्राप्त करता हुआ अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। यह तभी संभव है जब मनुष्य का सर्वांगीण विकास होगा। यह शिक्षा से ही संभव है क्योकि शिक्षा के माध्यम से ही मानव समाज का संचित ज्ञान शिशु, बाल, किशोर एवं युवा व्यक्तियों में संचालित होता है तथा यही वर्ग बड़ा होकर समर्थ और जागरूक नागरिक बनकर देश का नेतृत्व करता है।
प्रत्येक राष्ट्र को महान एवं विकसित बनाने के लिए सर्व प्रथम उसकी प्रमुख शक्ति अर्थात नागरिक शक्तियों को बौद्धिक एवं शारीरिक स्तर पर अत्यंत सुदृढ़ होना चाहिए। आज़ाद भारत को आधुनिक संसार में अपनी चुनौतियों एवं विकास के संदर्भ में आज महान लोगो कि आवश्यकता है। जैसा कि कहा जाता है की किसी महान राष्ट्र की जनशक्ति उसके पुरुष संवर्ग ही नहीं अपितु उसकी महिला शक्ति अधिक बलवती मानी जाती है।
महाराजपुर में अपनी व्यवसायिक में तल्लीन रहने के बावजूद समाज में व्याप्त कुरीतियाँ तथा छात्राओं की शिक्षा हेतु क्षेत्र में उच्च स्तर का विश्वसनीय संस्थान न होने की टीस उनके मन में हमेशा उठती रहती थी। छात्राओं को असुरक्षित वातावरण से दूर दराज़ शिक्षा ग्रहण करने जाते देख उनकी आँखे नम हो जाती थी तथा उनके बीच ही उपस्थित व्यक्तियों से इसकी चर्चा करते बालिकाओं को शैक्षिक एवं बौद्धिक रूप से श्रेष्ठतम बनाने का संकल्प स्व. नरेश चंद्र गुप्ता उर्फ़ कुक्कू भईया ने कर लिया था। परन्तु असमय ही उनकी आत्मा उनके नश्वर शरीर को छोड़कर 27 अगस्त 2006 को परमात्मा में लीन हो गयी। उनकी इस पावन इच्छा को पूर्ण करने का दृढ़ सहस करते हुए महाराजपुर में शांत एवं सौम्य स्थल का चयन कर आधुनिक साज सज्जा से सुशोभित विशाल प्रांगण सहित भव्य भवन में सेठ राजा राम लक्ष्मी नारायण कुक्कू शिक्षण संस्थान की स्थापना वर्ष 2011 में की गयी थी। संस्था में प्रशिक्षित सुयोग्य एवं अनुभवी अध्यापिकाओं के माध्यम से बालिकाओ का उच्चतर स्तर प्राप्त कर क्षेत्र के विकास हेतु अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।
प्रबंध समिति के सुयोग्य पदाधिकरियों एवं सदस्यों के अथक प्रयास एवं सुझाव से विद्यालय आज दिनों दिन उन्नति की ओर अग्रसर है। विद्यालय भवन पूर्णतया शांत एवं प्राकृतिक वातावरण के बीच भव्य नव निर्मित तीन मंजिला आधुनिक साजसज्जा से पूर्ण सुसज्जित है। भवन में स्वच्छ हवा एवं प्रकाश की पूर्ण व्यवस्था है। अतः विद्यालय के प्रबंधक श्री लक्ष्मी नारायण गुप्ता एवं अध्यक्ष श्री अनूप कुमार गुप्ता के कुशल निर्देशन एवं देख रेख में विद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज महाराजपुर कानपुर नगर प्रबंधक श्री विष्णु कुमार गुप्ता व अध्यक्ष श्री अनूप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विगत वर्षो से सफलता पूर्वक चल रही है। शिक्षण संस्था वर्ष 2011 से हिंदी माध्यम से चल रही है और वर्ष 2017 से संस्था की संरक्षक श्री आनंद गुप्ता व रजत गुप्ता के निर्णय से प्रबंधक व अध्यक्ष ने विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक व कक्षा 6 से 12 तक सरकार द्वारा अंग्रेजी माध्यम की भी मान्यता प्राप्त की है जो की विद्यालय प्रागण से 50 मीटर की दुरी पर अंग्रेजी माध्यम के भवन का निर्माण किया गया है। जिसमे कुशल शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रदान की जा रही है।